जिला मुंगेली के अंतर्गत ग्राम केंथनवागांव एवं आसपास के क्षेत्रों में प्रस्तावित नई इथेनॉल कंपनी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ग्रामीणों एवं किसानों का आरोप है कि कंपनी खुलने से पहले ही क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है तथा और विरोध करने वाले किसान के साथ साथ भी गांव वालों लोगों को भी धमकियां और मारपीट का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, कंपनी प्रबंधन द्वारा प्रारंभ में किसानों को यह कहकर भूमि खरीदी गई कि इथेनॉल उद्योग खुलने से क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ेगी तथा गन्ना, मक्का एवं धान की खरीदी होने से आर्थिक लाभ मिलेगा। लेकिन बाद में किसानों ने अन्य क्षेत्रों में संचालित इथेनॉल कंपनियों की जानकारी लेने पर संभावित पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि इथेनॉल प्लांट स्थापित होने से भूजल स्तर अत्यधिक नीचे जा सकता है, जिससे आने वाले समय में पेयजल संकट उत्पन्न होने की आशंका है। साथ ही फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं, धूल और पर्यावरण प्रदूषण का प्रभाव आसपास के गांवों, खेतों में तथा लोगों के स्वास्थ्य पर बडा असर पड़ सकता है। किसानों ने आशंका जताई है कि इससे खेती-किसानी और आम जनजीवन प्रभावित होगा। कम्पनी से लगा हुआ नवीन शासकीय फास्टरपुर कालेज भी पढ़ने वाले छात्र छात्रोंओ भी दुष्प्रभाव पड़ेगा साथ इंथेनाल कम्पनी से चारों ओर घोर आबादी वाले भी गांव बसा हुआ है
बताया जा रहा है कि इस विषय को लेकर आसपास के गांवों के किसान, महिलाएं और जनप्रतिनिधि लगातार शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कई ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कर इथेनॉल कंपनी का विरोध किया गया है तथा इसे निरस्त करने की मांग की गई है।

इसी बीच विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी पक्ष के लोगों पर मारपीट एवं डराने-धमकाने के आरोप लगाए हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि विरोध करने वालों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जबकि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज होने की बात सामने आ रही है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद विभिन्न गांवों में समाजिक बैठकों का दौर शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया । तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। सभी समय में इस इंथेनाल कम्पनी को निरस्त कर बंद नहीं करते हैं तो आने वाले समय कुछ भी घटनाएं घटित हो सकती इसकी जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी ।



