पखांजूर। कांकेर जिले के पखांजूर के सुभाषनगर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में पिछले सात महीनों से ताला जड़ा हुआ है। स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ CHO एक माह की छुट्टी पर गई थीं, लेकिन कई महीनों से वापस नहीं लौटीं। इसके कारण आसपास के लगभग 2,000 ग्रामीणों को इलाज के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य केंद्र बंद, ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ीं
उप स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए मरीजों को दूर स्थित अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को हो रही है, जिन्हें नियमित जांच और उपचार की आवश्यकता रहती है।
वैकल्पिक व्यवस्था भी साबित हो रही नाकाफी
स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी व्यवस्था के तहत घोड़ागांव के RHOM को केंद्र की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन RHOM “स्वास्थ्य बस्तर अभियान” और टीकाकरण कार्य के कारण आठ गांवों में लगातार फील्ड ड्यूटी पर रहते हैं। इसी वजह से सुभाषनगर उप स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है।
7 महीने से अनुपस्थिति पर भी कार्रवाई नहीं
सात महीने से CHO अनुपस्थित हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अभी तक न तो केंद्र का निरीक्षण किया और न ही किसी विकल्पिक स्वास्थ्यकर्मी की नियुक्ति की। ग्रामीणों ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताते हुए तुरंत स्थायी स्वास्थ्यकर्मी की नियुक्ति की मांग की है।
बीएमओ पखांजूर का बयान
मामले में बीएमओ पखांजूर ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र बंद होने की जानकारी नहीं थी। अगर यह लंबे समय से बंद पाया जाता है तो जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
पखांजूर में 7 महीने से बंद उप स्वास्थ्य केंद्र : गर्भवती महिलाओं-बुजुर्गों समेत कई ग्रामीण बेहाल, स्थायी मेडिकल स्टाफ़ की कर रहे मांग
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