भारतीय ओलिंपिक संघ का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ की तैयारियों को बताया अधूरा, छत्तीसगढ़ से छिनी राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी, अब 2027 में मेघालय करेगा आयोजन

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

छत्तीसगढ़ को 2027 में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी मिलनी थी, लेकिन अब यह आयोजन मेघालय में होगा। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने छत्तीसगढ़ से मेजबानी का अधिकार वापस ले लिया है। मंगलवार को मेघालय ओलिंपिक एसोसिएशन ने आईओए के पत्र को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर इस खबर की पुष्टि की।

छत्तीसगढ़ की अधूरी तैयारियों पर खींची गई मेजबानी

आईओए की एक टीम ने हाल ही में छत्तीसगढ़ का दौरा कर खेल अधोसंरचना का निरीक्षण किया था। निरीक्षण रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेलों के लिए मात्र 30% तैयार बताया गया। इसके आधार पर IOA ने मेजबानी का अधिकार छत्तीसगढ़ से छीनकर मेघालय को सौंपने का निर्णय लिया।

खेल गांव पर खर्च हुए करोड़ों, अब काम पर लग सकती है ब्रेक

राज्य सरकार को मेजबानी मिलने का पूरा विश्वास था। राजधानी नया रायपुर में लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से खेल गांव बनाने की तैयारी की जा रही थी, जिसमें 13 अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल थे। लेकिन मेजबानी छिन जाने के बाद इस परियोजना की रफ्तार पर असर पड़ सकता है।

15 सालों से प्रयासरत छत्तीसगढ़ को फिर मिली निराशा

2010 में छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ ने IOA को 2.5 करोड़ रुपये रॉयल्टी के रूप में दिए थे, ताकि राज्य 37वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर सके। इसके बावजूद मेजबानी गोवा, गुजरात और अब मेघालय को दी जा चुकी है। छत्तीसगढ़ पिछले 15 वर्षों से राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए प्रयास कर रहा है, लेकिन सफलता अब तक दूर ही रही है।

मेघालय को सौंपा गया राष्ट्रीय खेलों का ध्वज

14 फरवरी को उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह के दौरान मेघालय को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय खेलों का ध्वज सौंपा जाएगा। इसके साथ ही मेघालय 2027 में 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करेगा।

Share This Article