‘फॉर्म भरते वक्त मुझसे चूक हुई’, खेलरत्न मामले पर मनु भाकर का चौंकाने वाला बयान, जानें क्या कहा

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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खेलरत्न मामले पर चल रही रस्साकशी के बीच ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने मंगलवार को चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि उनसे फॉर्म भरते वक्त चूक हो गई थी

पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारत की शीर्ष निशानेबाज मनु भाकर को खेलरत्न अवॉर्ड के लिए नहीं चुने जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मुद्दे पर निशानेबाज का चौंकाने वाला बयान आया है। उन्होंने कहा-  शायद मेरी ओर से कोई चूक हुई है।

‘शायद मुझसे कोई गलती हुई’
मनु ने एक्स पर लिखा- सबसे प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार के लिए मेरे नामांकन के लिए चल रहे मुद्दे के संबंध में, मैं यह कहना चाहूंगी कि एक एथलीट के रूप में मेरी भूमिका अपने देश के लिए खेलना और प्रदर्शन करना है। मुझे लगता है कि नामांकन दाखिल करते समय शायद मेरी ओर से कोई चूक हुई है जिसे ठीक किया जा रहा है।

मनु के पिता राम किशन का बयान
इससे पहले मंगलवार को ही मनु के पिता ने शीर्ष निशानेबाज के हवाले से दावा किया था कि उन्होंने पुरस्कार के लिए अपना नाम ऑनलाइन पोर्टल में जमा किया था फिर भी 30 नामों की शॉर्टलिस्ट में जगह बनाने में विफल रहीं। टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में मनु भाकर के पिता ने खेल मंत्रालय और खेल रत्न नामांकितों की सूची को अंतिम रूप देने वाली समिति पर तीखी टिप्पणी की। मंत्रालय ने कहा है कि मनु ने पुरस्कार के लिए अपना नाम नहीं सौंपा था, लेकिन इस स्टार निशानेबाज ने और उनके पिता ने इसका खंडन किया है। राम किशन ने कहा, ‘मुझे उन्हें निशानेबाजी के खेल में जाने के लिए प्रेरित करने का पछतावा है। मुझे इसके बजाय मनु को क्रिकेटर बनाना चाहिए था। फिर, सभी पुरस्कार और प्रशंसा उन्हें मिल जाती। उन्होंने एक ही ओलंपिक संस्करण में दो पदक जीते, उनसे पहले किसी भारतीय ने ऐसा नहीं किया है। आप मेरे बच्चे से देश के लिए और क्या करने की उम्मीद करते हैं? सरकार को उनके प्रयासों को मान्यता और तवज्जो देनी चाहिए। मैंने मनु से बात की और वह इन सब से निराश हो गई हैं। उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे ओलंपिक में जाकर देश के लिए पदक नहीं जीतने चाहिए थे। मनु ने मुझसे कहा कि उन्हें एक एथलीट नहीं बनना चाहिए था।’
मंत्रालय ने दिया था यह बयान
इस मामले पर मंत्रालय की ओर से बयान भी आया है। मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, ‘अभी अंतिम सूची तय नहीं हुई है। खेलमंत्री मनसुख मांडविया एक या दो दिन में अनुशंसा पर फैसला लेंगे और अंतिम सूची में मनु का नाम होने की पूरी संभावना है।’ उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत जज वी रामासुब्रमम की अध्यक्षता वाली 12 सदस्यीय पुरस्कार समिति में भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल समेत पूर्व खिलाड़ी भी हैं।
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