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,ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए आधी रात को हाथियों की दहाड़ से गांव में निर्माणाधीन शासकीय भवनों में छुप कर भूखे प्यासे पूरी रात जाग रहे हैं

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कोरबा 19 नवम्बर। जिले के वन मंडल कटघोरा के केँदइ रेंज के मोरगा, अरसिया, मदनपुर, एवं केंदई, सर्किल में पिछले एक सप्ताह से तीन मादा दो दतैल एवं दो सावक,7 हाथियों का विचरण हो रहा है, वही पसान रेंज में लगभग 1माह से 45 हाथियों का आतंक से ग्राम सिरी, पिपरिया, कोडगार, भुसकीडाड,सहित उसके आसपास के रहवासियों में दहशत भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं,ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए आधी रात को हाथियों की दहाड़ से गांव में निर्माणाधीन शासकीय भवनों में छुप कर भूखे प्यासे पूरी रात जाग रहे हैं

हाथियों की आने का सुगबुगाहट एवं नजदीकी वन विभाग के द्वारा हाथियों से प्रभावित ग्रामों में जाकर हाथी आने के पूर्व ही वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंचकर प्रभावित गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से सभी को सतर्क किया जा रहा है
इधर विगत दिनों हाथियों के आतंक से मोरगा, क्षेत्र में एक वन परिक्षेत्र सहायक अधिकारी हाथियों के झुंड में से एक दतैल के दौड़ाने से रात के अंधेरे जंगल में गिरकर घायल हो गया, विश्वस्त सूत्रों के अनुसार मोरगा, सहित तीन अन्य सर्किल के परिक्षेत्र सहायकों की टीम गठित की गई है, जहां हाथियों को खदेड़ने के

कटघोरा वन मंडलाधिकारी शमा फारुकी, के निर्देशन एवं एसडीओ फॉरेस्ट प्रहलाद यादव, के मार्गदर्शन में केँदइ , वन परिक्षेत्र अधिकारी अश्विनी कुमार चौबे, के नेतृत्व में परिक्षेत्र सहायक मोरगा अशोक कुमार मनेवार, परिक्षेत्र सहायक अरसिया, देवदत्त खंडे, परिक्षेत्र सहायक मदनपुर संतोष कुमार यादव, सहित कौन रक्षक विनोद राज सलीहा पहरी, संजू मरकाम कोठ खोरी, विनय कंवर बोटो पाल, सुरेंद्र कुमार कंवर खिरटी, एवं राजकुमार बंजारे धजाग,व अन्य कर्मचारियों के द्वारा अलग अलग टीम बना कर चौबीस घंटे हाथी प्रभावित गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों को सतर्क कर हाथियों के झुंड से दूर रहने एवं उसे किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाने की समझाइश दी जा रही है,और इधर कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में 45 हाथियों का झुंड कोरिया जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पिपरिया, सिरी, कोडगार, एवं भुसकी डांड, व उसके आसपास के गांव में हाथियों का तांडव जारी है, जिसमें सैकड़ों किसानों की खड़ी धान की फसल एवं दर्जनों गरीब परिवार के कच्चे मकानों को उजाड़ दिया गया है, जहां पसान वन परिक्षेत्र अधिकारी निश्चल शुक्ला, एवं तनेरा (जल्के) परिक्षेत्र सहायक अधिकारी एस एस तिवारी, एवं उनके अधीनस्थ वन रक्षक हाथियों को खदेड़ने में रात दिन डटे हुए हैं, तथा हाथियों के द्वारा किए गए धन हानि की मौके पर पहुंच प्रतिवेदन तैयार कर क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने की भी कार्यवाही की जा रही है!

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