Wednesday, November 30, 2022

नक्सलियों के हमले में रमतला के शहीद मन्नूलाल को राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई…

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19-सितम्बर,2020

बिलासपुर [सवितर्क न्यूज़]
शनिवार को कोनी क्षेत्र के रमतला निवासी शहीद सपूत मन्नू लाल का पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद यहां उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों में बिलासपुर के विधायक शैलेश पांडे भी शामिल थे ,जिन्होंने बीजापुर के दर्दनाक घटना में हुई उनकी शहादत को नमन करते हुए उनकी आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। बीजापुर में नक्सलियों ने सीएएफ के जवाब मन्नूलाल की जान ले ली थी ।बिलासपुर रतनपुर मुख्य मार्ग पर सेंदरी के पास के इस गांव में रहने वाले मन्नूलाल सूर्यवंशी पिछले 5 दिनों से लापता थे ,जिन का शव गुरुवार को बीजापुर गंगालूर के पदेड़ा गांव में सड़क पर पड़ा मिला। नक्सलियों ने उनकी हत्या कर उनके शव को सड़क पर फेंक दिया था।

रमतला में रहने वाले मन्नूलाल के शव को पहले तो हेलीकॉप्टर से गृह ग्राम लाने की कोशिश की गई लेकिन मौसम के चलते यह संभव नहीं हो पाया जिसके बाद सड़क मार्ग से ही उन्हें रमतला लाया गया ,जहां पूरे शासकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाना है ।
सीएएफ में बावर्ची मन्नूलाल की पढ़ाई लिखाई इसी गांव में हुई थी 5 साल पहले ही उनकी भर्ती हुई थी । पहले वे कवर्धा में थे बाद में उनकी पोस्टिंग बीजापुर हो गई तब से वे वही थे ।उनके परिवार में पत्नी शशि के अलावा तीन बच्चे हैं जो यतिम हो गए । उनके पिता परमानंद सूर्यवंशी किसान है जिन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है। बलिदानी जवान के बलिदान को नमन करते हुए पूरा गांव उन्हें श्रद्धांजलि देने उमड़ पड़ा । सब ने कहा कि मन्नू ने गांव का नाम रोशन किया है , इसलिए अब उसके परिवार की जिम्मेदारी उन सब की है ।बेहद मिलनसार मन्नूलाल को लेकर सब के पास कुछ ना कुछ यादें हैं। बताते हैं कि मन्नू को देश प्रेम के विषय वाली फिल्में देखना बहुत पसंद था ।लॉकडाउन के दौरान करीब 3 महीने तक वह गांव में ही था और वहां से लौटने के बाद ही यह हादसा हुआ। शनिवार को गांव में ही पूरे राजकीय सम्मान के साथ बलिदानी जवान मन्नूलाल को अंतिम विदाई दी गई।

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19-सितम्बर,2020

बिलासपुर [सवितर्क न्यूज़]
शनिवार को कोनी क्षेत्र के रमतला निवासी शहीद सपूत मन्नू लाल का पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद यहां उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों में बिलासपुर के विधायक शैलेश पांडे भी शामिल थे ,जिन्होंने बीजापुर के दर्दनाक घटना में हुई उनकी शहादत को नमन करते हुए उनकी आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। बीजापुर में नक्सलियों ने सीएएफ के जवाब मन्नूलाल की जान ले ली थी ।बिलासपुर रतनपुर मुख्य मार्ग पर सेंदरी के पास के इस गांव में रहने वाले मन्नूलाल सूर्यवंशी पिछले 5 दिनों से लापता थे ,जिन का शव गुरुवार को बीजापुर गंगालूर के पदेड़ा गांव में सड़क पर पड़ा मिला। नक्सलियों ने उनकी हत्या कर उनके शव को सड़क पर फेंक दिया था।

रमतला में रहने वाले मन्नूलाल के शव को पहले तो हेलीकॉप्टर से गृह ग्राम लाने की कोशिश की गई लेकिन मौसम के चलते यह संभव नहीं हो पाया जिसके बाद सड़क मार्ग से ही उन्हें रमतला लाया गया ,जहां पूरे शासकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाना है ।
सीएएफ में बावर्ची मन्नूलाल की पढ़ाई लिखाई इसी गांव में हुई थी 5 साल पहले ही उनकी भर्ती हुई थी । पहले वे कवर्धा में थे बाद में उनकी पोस्टिंग बीजापुर हो गई तब से वे वही थे ।उनके परिवार में पत्नी शशि के अलावा तीन बच्चे हैं जो यतिम हो गए । उनके पिता परमानंद सूर्यवंशी किसान है जिन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है। बलिदानी जवान के बलिदान को नमन करते हुए पूरा गांव उन्हें श्रद्धांजलि देने उमड़ पड़ा । सब ने कहा कि मन्नू ने गांव का नाम रोशन किया है , इसलिए अब उसके परिवार की जिम्मेदारी उन सब की है ।बेहद मिलनसार मन्नूलाल को लेकर सब के पास कुछ ना कुछ यादें हैं। बताते हैं कि मन्नू को देश प्रेम के विषय वाली फिल्में देखना बहुत पसंद था ।लॉकडाउन के दौरान करीब 3 महीने तक वह गांव में ही था और वहां से लौटने के बाद ही यह हादसा हुआ। शनिवार को गांव में ही पूरे राजकीय सम्मान के साथ बलिदानी जवान मन्नूलाल को अंतिम विदाई दी गई।