Sunday, October 2, 2022

मुंगेली निवार्चन घोटाला मामले में हाई कोर्ट नोटिश जारी कर मांगा जवाब व शासन को पार्टी बनाने का आदेश जारी किया,,,पूर्व सीबीआई मजिस्ट्रेट (प्रभाकर ग्वाल) ने दायर की थी याचिका

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मुंगेली निवार्चन घोटाला मामले में हाई कोर्ट नोटिश जारी कर मांगा जवाब व शासन को पार्टी बनाने का आदेश जारी किया,,,पूर्व सीबीआई मजिस्ट्रेट (प्रभाकर ग्वाल) ने दायर की थी याचिका

मुंगेली – मुंगेली जिले में वर्ष 2018 में विधानसभा निर्वाचन में वीडियोग्राफी का भुगतान में बड़ी गड़बड़ी की गई थी जिसमे निर्वाचन में वीडियोग्राफी का कार्य करने वाले सम्बंधित फर्म को राशि भुगतान न करते हुए किसी अन्य फर्म को राशि भुगतान कर दी गई थी, लगातर शासन स्तर पर शिकायत करने के बाद भी कार्यवाही नहीं होने पर पीड़ित पक्षकार आशीष कश्यप ने मुंगेली जेएमएफसी में परिवाद दायर की थी लेकिन कोई उचित कार्यवाही नहीं हो सकी व मुंगेली एडीजे कोर्ट में रिवीजन केश लगाने के बाद भी उसे खारिज कर दिया गया जिससे हताश होकर आवेदक ने अधिवक्ता अनुकूल विशवास व प्रभाकर ग्वाल(पूर्व सीबीआई मजिस्ट्रेट) के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की जिसमे हाई कोर्ट ने कहा कि शासन की राशि का गलत उपयोग/ दुरुपयोग का मामला है इस कारण शासन को पक्षकार बनाया जाए व इस मामले में सम्बंधित जिनपर आरोप लगाए गए हैं (कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे,पूर्व अपर कलेक्टर राजेश नसिने, पूर्व इलेक्शन सुपरवाइजर ऋषिराम देवांगन व महेंद्र द्विवेदी ) को भी नोटिश जारी कर जवाब मांगा गया है।

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मुंगेली निवार्चन घोटाला मामले में हाई कोर्ट नोटिश जारी कर मांगा जवाब व शासन को पार्टी बनाने का आदेश जारी किया,,,पूर्व सीबीआई मजिस्ट्रेट (प्रभाकर ग्वाल) ने दायर की थी याचिका

मुंगेली – मुंगेली जिले में वर्ष 2018 में विधानसभा निर्वाचन में वीडियोग्राफी का भुगतान में बड़ी गड़बड़ी की गई थी जिसमे निर्वाचन में वीडियोग्राफी का कार्य करने वाले सम्बंधित फर्म को राशि भुगतान न करते हुए किसी अन्य फर्म को राशि भुगतान कर दी गई थी, लगातर शासन स्तर पर शिकायत करने के बाद भी कार्यवाही नहीं होने पर पीड़ित पक्षकार आशीष कश्यप ने मुंगेली जेएमएफसी में परिवाद दायर की थी लेकिन कोई उचित कार्यवाही नहीं हो सकी व मुंगेली एडीजे कोर्ट में रिवीजन केश लगाने के बाद भी उसे खारिज कर दिया गया जिससे हताश होकर आवेदक ने अधिवक्ता अनुकूल विशवास व प्रभाकर ग्वाल(पूर्व सीबीआई मजिस्ट्रेट) के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की जिसमे हाई कोर्ट ने कहा कि शासन की राशि का गलत उपयोग/ दुरुपयोग का मामला है इस कारण शासन को पक्षकार बनाया जाए व इस मामले में सम्बंधित जिनपर आरोप लगाए गए हैं (कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे,पूर्व अपर कलेक्टर राजेश नसिने, पूर्व इलेक्शन सुपरवाइजर ऋषिराम देवांगन व महेंद्र द्विवेदी ) को भी नोटिश जारी कर जवाब मांगा गया है।