Sunday, October 2, 2022

खूंटाघाट से बिलासपुर खमतराई तक सड़क के ठीक बीच में खड़े पेड़ों से प्रतिदिन हो रही दुर्घटनाएं

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खूंटाघाट से बिलासपुर खमतराई तक सड़क के ठीक बीच में खड़े पेड़ों से प्रतिदिन हो रही दुर्घटनाएं

रतनपुर से हरीश माड़वा की खास खबर _

सड़कों में वाहन से जहां प्रतिदिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे है वहीं, शासन की खामियाजा को आम जनता भोग रही है.
आप जानकर हैरानी होगी कि बिलासपुर छोटे नहर यानी खूंटाघाट बांध के दांयी तट नहर से पक्की सड़क बिलासपुर मोपका तक गई है.
इसी सड़क के ठीक बीचोंबीच कई विशाल हरे-भरे वृक्ष खड़े हैं तो कई पेड़ सूखे भी हैं .
इसी सड़कों से खूंटाघाट,ओछिनापारा, नवापारा,भरवीडीह,कोलिहाभांठा,सिंघरी,
पौंसरा,जलसो आदि गांवों के लोग प्रतिदिन दैनिक कार्यों को लेकर आना-जाना करते हैं और बीच सड़क में खड़े पेड़ों से वे दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं. कभी-कभी तो किसी की जान भी चली जाती है तो कई दिव्यांग भी हो जाते हैं.नवापारा के समीप लगभग 3 साल पहले एक बैंक कर्मी की मौत भी इसी पेड़ में टकराने से हुई थी.

प्रतिवर्ष कोई न कोई दिव्यांग भी इसी पेड़ की वज़ह से हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन है, न ही जल संसाधन विभाग बिलासपुर और न ही वन विभाग ही इस पर कोई कार्यवाही कर रही है कि किसी की जान तो बचे.

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सड़कों में वाहन से जहां प्रतिदिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे है वहीं, शासन की खामियाजा को आम जनता भोग रही है.
आप जानकर हैरानी होगी कि बिलासपुर छोटे नहर यानी खूंटाघाट बांध के दांयी तट नहर से पक्की सड़क बिलासपुर मोपका तक गई है.
इसी सड़क के ठीक बीचोंबीच कई विशाल हरे-भरे वृक्ष खड़े हैं तो कई पेड़ सूखे भी हैं .
इसी सड़कों से खूंटाघाट,ओछिनापारा, नवापारा,भरवीडीह,कोलिहाभांठा,सिंघरी,
पौंसरा,जलसो आदि गांवों के लोग प्रतिदिन दैनिक कार्यों को लेकर आना-जाना करते हैं और बीच सड़क में खड़े पेड़ों से वे दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं. कभी-कभी तो किसी की जान भी चली जाती है तो कई दिव्यांग भी हो जाते हैं.नवापारा के समीप लगभग 3 साल पहले एक बैंक कर्मी की मौत भी इसी पेड़ में टकराने से हुई थी.

प्रतिवर्ष कोई न कोई दिव्यांग भी इसी पेड़ की वज़ह से हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन है, न ही जल संसाधन विभाग बिलासपुर और न ही वन विभाग ही इस पर कोई कार्यवाही कर रही है कि किसी की जान तो बचे.